Alakh ke amal par अलख के अमल पर Bhajan lyrics in hindi
अलख के अमल पर चढ़े योगीओ को जणाये तरण सम जगत बादशाही अलख के अमल पर......... अमल कि वो यारों खुमारी ना उतरे अंदर शहेनशाही को परवा ना कोई अलख के अमल पर......... हे तृष्णा भिखारी जो मिले शहेनशाही न तुटे वहां तक कहां बादशाही हे शाहों की शाही अदल फकिराइ सर्व त्याग जिसने तृष्णा मिटाई अलख के अमल पर......... कदम पर हे जुगती खलक सारी आई झुके राव राणा बेतुल बादशाही जगत जहांगीरी है फिकर जिसने खाई बना के मुकामों से आशा उठाई अलख के अमल पर......... इधर बादशाह...