man mohan murat teri prabhu मन मोहन मूरत तेरी प्रभु Bhajan lyrics in hindi
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु
मिल जाओगे आप कहीं न कही
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु
काशी मथुरा वृंदावन में
या अवधपुरी की गलियों में
गंगा यमुना सरीयु तट पर
मिल जाओगे आप कहीं न कही
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु....
घरबार को छोड़ संन्यांसी हुए
सबको परित्याग उदासी हुए
छानेंगे बन बन खाक तेरी
मिल जाओगे आप कहीं न कही
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु....
सब भक्त तुम्ही को हेरेंगे
तेरे नाम की माला फेरेंगे
तब आप ही खुद शरमाओगे
हमें दर्शन दोगे कहीं न कहीं
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु....
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु
मिल जाओगे आप कहीं न कही
मनमोहन मूरत तेरी प्रभु
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