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Showing posts with the label Gazal lyrics in hindi

सुनी सी गलियों में शोर जगाया तुने Gazal lyrics in hindi

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सुनी सी गलियों में  शोर जगाया तुने सेहमे से दरिया में लहरें उठायी तुने ।  उम्मिदो से हारा हुआ में किस्मत का मारा हुआ सुनें जीवन में उम्मीद जगाई तुने।                           सुनी सी गलियों में...... मन का आंगन सुना सुना ईश्वर मैं हूं तेरा खिलौना सुनें आंगन में गुल खिलाए तुने।                       ‌‌    सुनी सी गलियों में...... तेरा सहारा मेरा किनारा ग़म की लेहरों से ना हारा मांझी को किनारे की राह दिखाई तुने।                            सुनी सी गलियों में...... "पवन" को तुने बेहना सिखाया सुख और दुख में जीना सिखाया ग़म की आंधी में हर राह दिखाई तुने।                             सुनी सी गलियों में...... Bhajan Gazal Lyrics             

Tum ek gorakh dhandha ho lyrics in hindi...तुम एक गोरख धंधा हो lyrics in hindi

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तुम एक गोरखधंधा हो हो भी नहीं और हर जहाँ हो तुम एक गोरखधंधा हो हर जर्रे में किस शान से तू जलवानुमा है हैरान है अक्ल की,  तू कैसा है और क्या है तुझे गेरो हरम में मैंने ढूँढा तू नहीं मिलता मगर तशरीफ़ फरमा,  तुझको अपने दिल में देखा है                     तुम एक गोरखधंधा हो............. हरमो गैर में है जलवा ए पुर्फन तेरा दो घरो का है चराग,  एक रूखे रोशन तेरा जब बाजुस तेरे दूसरा कोई मोजूद नहीं फिर समझ में नहीं आता तेरा पर्दा करना                       तुम एक गोरखधंधा हो............. जो उल्फत में तुम्हारी खो गया है उसी खोये हुए को कुछ मिला है न बुतखाने न काबे में मिला है मगर टूटे हुए दिल में मिला है अदम बन कर कही छुप गया है कहीं तू हस्त बन के आ गया है नहीं है तू तो फिर इंकार कैसा नाफीबी तेरे होने का पता है जिसको कह रहा हूँ अपनी हस्ती अगर वो तू नहीं तो और क्या है नहीं आया ख्यालो में अगर तू तो फिर मैं कैसे समझा तू खुदा है                ...

ham tere shahar mein aye hai musafir ki tarah lyrics...हम तेरे शहर में आए है मुसाफिर कि तरह Gazal lyrics in hindi

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हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह सिर्फ़ इक बार,  मुलाक़ात का मौका दे दे हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह मेरी मंजिल है कहाँ , मेरा ठिकाना है कहाँ सुबह तक तुझसे बिछड़ कर  मुझे जाना है कहाँ सोचने के लिए,  इक रात का मौका दे दे हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह अपनी आंखों में छुपा रक्खे हैं जुगनू मैंने अपनी पलकों पे सजा रक्खे हैं आंसू मैंने मेरी आंखों को भी,  बरसात का मौका दे दे हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह आज की रात मेरा,  दर्द- ऐ मोहब्बत सुन ले कंप-कंपाते हुए , होठों की शिकायत सुन ले आज इज़हार-ऐ-खयालात का मौका दे दे हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह भूलना ही था तो , ये इकरार किया ही क्यूँ था बेवफा तुने मुझे,  प्यार किया ही क्यूँ था सिर्फ़ दो चार,  सवालात का मौका दे दे हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह सिर्फ़ इक बार,  मुलाक़ात का मौका दे दे हम तेरे शहर में आए हैं , मुसाफिर की तरह Bhajan Gazal Lyrics

Ishk me kya batayen ke hamne.. Gazal lyrics....इश्क में क्या बताये कि हमने...Gazal lyrics in hindi

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इश्क में क्या बतायें कि हमने किस कदर चोट खाये हुए हैं मौत ने उनको मारा है और हम जिंदगी के सताये हुए हैं                 इश्क में क्या बतायें ........ ऐ लहद अपनी मिट्टी से केह दे दाग लगने न पाये कफन को आज ही हमने बदले हैं कपडे आज ही हम नहाये हुए हैं                  इश्क में क्या बतायें ........ उसने शादी का जोडा पहन कर सिर्फ चूमा था मेरे बदन को बस उसी दिन से जन्नत में हुरें मुजको दूल्हा बनाये हुए हैं                  इश्क में क्या बतायें ........ अब हमें तो फकत एक ऐसी चलती फिरती हुइ लाश कहिये जिन की मैयत में हद है के हम खुद अपना कंधा लगाये हुए हैं                  इश्क में क्या बतायें ........ देख साकी तेरे मयकदे का कितना पहुंचा हुआ रिन्द हुं मैं जितने आये हैं मैयत में मेरी सब के सब ही लगाये हुए हैं                   इश्क में क्या बतायें ........ Bhajan Gazal Lyrics ...

muje dil ki bimari hai lyrics....मुझे दिल की बिमारी है Gazal lyrics in hindi

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नबजिया बैद क्या जाने,  मुझे दिल कि बीमारी है  मुझे दिल कि बीमारी है(२) कभी कफ रोग बतलाये,  कभी तासीर गरमी की जिगर का हाल तू मेरा,  नहीं जाने आनाडी है मुझे दिल कि बीमारी है नबजिया बैद क्या जाने.......... सनम कि मोहनी मूरत,  बसी दिल बीच में मेरे न मन में चैन है तन की,  खबर सारी बिसारी है  मुझे दिल कि बीमारी है नबजिया बैद क्या जाने.......... असर करती नहीं कोई  दवाई हकीमीया तेरी बिना दीदार दिलबर के,  मिटे नहीं बेकरारी है  मुजे दिल कि बीमारी है नबजिया बैद क्या जाने.......... अगर दिलदार को मेरे,  मिलावे तू कभी मुझसे ब्रह्मानंद गुण तेरा, करू मै यादगारी है मुजे दिल कि बीमारी है नबजिया बैद क्या जाने.......... नबजिया बैद क्या जाने,  मुझे दिल कि बीमारी है  मुझे दिल कि बीमारी है(२) Bhajan Gazal Lyrics

kisi se unki manjil ka pata paya nahi jata gazal lyrics...किसी से उनकी मंजिल का पता पाया नहीं जाता Gazal lyrics in hindi

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किसी से मेरी मंज़िल का पता पाया नहीं जाता, जहाँ मैं हूँ फरिश्तों से वहाँ आया नहीं जाता... मेरे टूटे हुए पा-ए-तलब का मुझ पे  एहसान है, तुम्हारे दर से उठ के अब कहीं जाया नहीं जाता... चमन तुमसे इबारत है, बहारें तुमसे हैं जिंदा, तुम्हारे सामने फूलों से मुरझाया नहीं जाता... हर एक दाग-ए-तमन्ना को कलेजे से लगता हूँ, के घर आई हुई दौलत को ठुकराया नहीं जाता... मोहब्बत के लिए कुछ ख़ास दिल मख़्सूस होते हैं, ये वो नग़मा है जो हर साज़ पे गाया नहीं जाता... फ़क़ीरी में भी मुझको मांगने से शर्म आती है, सवाली होके मुझसे हाथ फैलाया नहीं जाता... किसी से मेरी मंज़िल का पता पाया नहीं जाता, जहाँ मैं हूँ फरिश्तों से वहाँ आया नहीं जाता... Bhajan Gazal Lyrics

इश्क में शिर ना दिया जुग मे जीया तो क्या जीया Gazal lyrics in hindi

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 इश्क में शीर ना दिया,  इश्कमें शीर ना दिया जुग मे जीया तो क्या जीया दरिया किनारे मालम खडा,  मालम कहे दरिया मेरा डुबकी दियॆ मोती ना मीला,  मालम हुवा तो क्या हुवा जुग मे जीया तो क्या जीया इश्क में शीर ना दिया... चरखा बोले रुइ रुइ,  आशक बोले तुइ तुइ प्रेम रस पीया नहि,  आशक बना तो क्या बना जुग मे जीया तो क्या जीया इश्क में शीर ना दिय... काजी किताबे खोलता,  मशवरा सुनाता और को आप अदल चलते नहि,  काजी हुवा तो क्या हुवा जुग मे जीया तो क्या जीया इश्क में शीर ना दिया... जगी जगत जाने नहि, कपडा रंगने से क्या हुवा आप घट रंगा नहि,  जोगी हुवा तो क्या हुवा जुग मे जीया तो क्या जीया इश्क में शीर ना दिया... कहे वली सुन बे अली,  पीयु पीयु करके जी गया सांइ गुन गाया नहि, रोता फीरा तो क्या हुवा जुग मे जीया तो क्या जीया इश्क में शीर ना दिया... इश्क में शीर ना दिया,  इश्कमें शीर ना दिया जुग मे जीया तो क्या जीया Bhajan Gazal Lyrics

Meli chadar odh ke kaise मेली चादर ओढ़ के कैसे Gazal lyrics in hindi

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मेली चादर ओढ़ के कैसे        द्वार तुम्हारे आऊं  पावन हे परमेश्वर मेरे        मन ही मन शरमाऊं                           मेली चादर....... तुमने मुझको जग में भेजा        निर्मल देकर काया आ कर के संसार में मैंने         इस पर दाग लगाया जनम जनम की मेली चादर        कैसे दाग मिटाऊं मे                         मेली चादर......... निर्मल वाणी पाकर तुझसे          नाम ना तेरा लिया नैन मुंघकर हे परमेश्वर            कभी न तुझको ध्याया मन वीणा की तारें टूटी           अब क्या गीत सुनाऊं में                         मेली चादर........... इन पैरों से जलकर तेरे          मंदिर कभी ना आया जहां जहां हो पूजा तेरी ...

Yahi wafa ka sila hai to koi bat nahi यही वफ़ा का सिला है तो कोई बात नहीgazal lyrics in hindi

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 यही वफ़ा का सिला है        तो कोई बात नहीं ये दर्द तुने दिया है        तो कोई बात नहीं                                 यही वफ़ा....... किसकी मजाल कहे       कोई मुझको दिवाना अगर ये तुमने कहा है        तो कोई बात नहीं                                 यही वफ़ा........ यही बहुत है की तुम    देखते हो साहिल से सफ़ीना डूब रहा है        तो कोई बात नहीं                                 यही वफ़ा......... जो आने वाले हैं कल      उसको किसने देखा है वो हमसे आज जुदा है       तो कोई बात नहीं                                यही वफ़ा.......... रचना- शकील...