इश्क में शिर ना दिया जुग मे जीया तो क्या जीया Gazal lyrics in hindi
इश्क में शीर ना दिया,
इश्कमें शीर ना दिया
जुग मे जीया तो क्या जीया
दरिया किनारे मालम खडा,
मालम कहे दरिया मेरा
डुबकी दियॆ मोती ना मीला,
मालम हुवा तो क्या हुवा
जुग मे जीया तो क्या जीया
इश्क में शीर ना दिया...
चरखा बोले रुइ रुइ,
आशक बोले तुइ तुइ
प्रेम रस पीया नहि,
आशक बना तो क्या बना
जुग मे जीया तो क्या जीया
इश्क में शीर ना दिय...
काजी किताबे खोलता,
मशवरा सुनाता और को
आप अदल चलते नहि,
काजी हुवा तो क्या हुवा
जुग मे जीया तो क्या जीया
इश्क में शीर ना दिया...
जगी जगत जाने नहि,
कपडा रंगने से क्या हुवा
आप घट रंगा नहि,
जोगी हुवा तो क्या हुवा
जुग मे जीया तो क्या जीया
इश्क में शीर ना दिया...
कहे वली सुन बे अली,
पीयु पीयु करके जी गया
सांइ गुन गाया नहि,
रोता फीरा तो क्या हुवा
जुग मे जीया तो क्या जीया
इश्क में शीर ना दिया...
इश्क में शीर ना दिया,
इश्कमें शीर ना दिया
जुग मे जीया तो क्या जीया

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