kisi se unki manjil ka pata paya nahi jata gazal lyrics...किसी से उनकी मंजिल का पता पाया नहीं जाता Gazal lyrics in hindi
किसी से मेरी मंज़िल का पता पाया
नहीं जाता,
जहाँ मैं हूँ फरिश्तों से वहाँ आया
नहीं जाता...
मेरे टूटे हुए पा-ए-तलब का मुझ पे
एहसान है,
तुम्हारे दर से उठ के अब कहीं
जाया नहीं जाता...
चमन तुमसे इबारत है, बहारें तुमसे
हैं जिंदा,
तुम्हारे सामने फूलों से मुरझाया
नहीं जाता...
हर एक दाग-ए-तमन्ना को कलेजे
से लगता हूँ,
के घर आई हुई दौलत को ठुकराया
नहीं जाता...
मोहब्बत के लिए कुछ ख़ास दिल
मख़्सूस होते हैं,
ये वो नग़मा है जो हर साज़ पे
गाया नहीं जाता...
फ़क़ीरी में भी मुझको मांगने से
शर्म आती है,
सवाली होके मुझसे हाथ फैलाया
नहीं जाता...
किसी से मेरी मंज़िल का पता पाया
नहीं जाता,
जहाँ मैं हूँ फरिश्तों से वहाँ आया
नहीं जाता...

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