Safar ka sauda kar le musafir सफर का सौदा करले मुसाफिर Bhajan lyrics in hindi
सफर का सौदा करले मुसाफिर असल वतन को जाना पड़ेगा । जो पुण्य करना हो सो करलो वहां संग आने का सामान भर लो पहोचोगे जब अपने वतन को फिर नहीं वापस आना पडेगा सफर का सौदा........ जो पुण्य तुमने यहां किये है वो ही तुम्हारे साथ चलेगा ये महल मालीया और बगीचे सभी को छोड़कर जाना पड़ेगा सफर का सौदा........ सब पीर पयंगबर देवी देवता यहां से जा वहां चल बसे हैं तेरा भी जाने का होगा एक दिन मालिक को मुंह दिखलाना पड़ेगा सफर का सौदा........ अब्दुल सत्तार कहे मालिक का बंदा करो पुण्य और भक्ति का धंधा नही तो फिर वहां पड़ेगा फंदा फिर तुम्है पछताना पड़ेगा सफर का सौदा........ सफर का सौदा करले मुसाफिर असल वतन को जाना पड़ेगा । Bhajan Gazal Lyrics