pyar nahi sur se jinko...प्यार नहीं है सूर से जिनको Bhajan lyrics in hindi
प्यार नहीं है सूर से जिनको
वो मुरख इन्सान नहीं
प्यार नहीं है सूर से जिनको
वो मुरख इन्सान नहीं ...
प्यार नहीं हे सूर से जिनको
सुर इन्सान बना देता है,
सुर शिवजी से मिला देता है
सुर की आग में जलने वाले
वो परवाने नादान नहीं...
प्यार नहीं है सूर से जिनको
जग में अगर संगीत ना होता
कोइ किसी का मित ना होता
ये एहसान हे सात सुरों का
ये दुनिया वीरान नहीं...
प्यार नहीं है सूर से जिनको
सुर में जागे सुर में सोए
उन्हें मिले वो जोभी मांगे
धर्म अर्थ और काम मोक्ष भी
जानो उनसे दूर नहीं...
प्यार नहीं है सूर से जिनको
सुर बिना सरस्वती नहीं मिलती
सुर बिना कलियां नहीं खिलती
सुर पे श्याम सहाय करे तो
और सहाय जरुर नहीं...
प्यार नहीं है सूर से जिनको

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