lagan kathin mere bhai guruji se Bhajan lyrics..लगन कठिन मेरे भाई गुरुजी से Bhajan lyrics in hindi
लगन कठीन मेरे भाइ
गुरुजी से
लगन कठीन मेरे भाइ
चातक स्वाती बुंद का प्यासी
पीया पीया रट लाइ
निसदिन प्राण प्यास पर जाये
अवर निर नाही भाइ
लगन कठीन मेरॆ भाइ गुरुजी से........
सजी सींगार सती जब निकली
सत कढन काको जाइ
पावक देखी डरे नही दिल मे
कुदी परे चेह की मांइ
लगन कठीन मेरे भाइ गुरुजी से........
दो दल आइ जुड़े जब सन्मुख
शुरा लेत लडाइ
टुंक टुंक होय गीरे धरनी पे
छेत्र छांडी नही जाइ
लगन कठीन मेरे भाइ गुरुजी से........
मुगला नाद शब्द का भेदी
शबद सुनन को जाइ
सुनत हि नाद प्राणदान देवे
सहेजे शीष ना डगाइ
लगन कठीन मेरे भाइ गुरुजी से.........
छोड अपने तनकी आशा
निर्भय होय गुण गाइ
कहत कबिर ऐसी जो लागे
सहज मिले गुरु नाही
लगन कठीन मेरे भाइ गुरुजी से..........

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