Hari ke bina kaun garib ko beli lyrics ...हरि के बिना कौन गरीब को बेली Bhajan lyrics in hindi
हरि के बिना कौन गरीब को बेली
कौन गरीब को बेली
हरि के बिना कोन गरीब को बेली
धनवाले धन देख फ़ुलाये,
बांधे महल हवेली,
दान धरम के दया नहीं दिल में,
हाय अनीति फैली
हरि के बिना कौन................
नाम करन को दान करत हे,
मन में निष्ठा मैली,
पापी पाखंडी को पूजे,
बनकर चेला चेली
हरि के बिना कौन................
नाटक देखे नाच नचावे,
खाली करे नित थेली,
उनको सत्य कहा से सूजे,
जिनके बाप ताई माँ तेली
हरि के बिना कौन.................
दोरंगी दुनिया के अंदर,
देखि भेला भेली,
दास सत्तार कोई एक धर्मी,
बाकी दुनिया घेली
हरि के बिना कौन..................

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