Mayi meto ban gaya fakir ji..मांई मेंतो बन गया फकीरजी
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)
मैं ने ढूंढा अपना शरीर
वामे अलख अमीर
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)
जनमो जनम का मेल चडिया
धोबी मीलीया पीर जी
धरम घाट पे दे पछाड़ा
नहाया निर्मल नीर
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)
अल्लाहु का जाप जपीया
तब तो आई धीर जी
नुरता सुरता एक किडनी
हुवा मनवा स्थिर
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)
बिना बादल एक बिजली चमके
झरमर बरसे नीर जी
अनहद नोबत निशदिन बाजे
ज्ञान घट है गंभीर
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)
सुरता सुनमे आय ठहरी
अवघट घाट के तीर जी
तन को तोडा मन को जोडा
कंचन हुवा है शरीर
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)
डुंगर चडिया देखी मढिया
भया मे शूरवीर जी
दास सतार गुरु क्रिपा से
अमर हुई जागीर
मांई मेंतो बन गया फकीरजी(२)

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